संपादकीय
आज बहुत-से लोग योग को सिर्फ़ स्वास्थ्य-साधना समझ लेते हैं। मेरी दृष्टि में यह बहुत सीमित समझ है। योग मूलतः ऐसी साधना है जो दबाव के बीच भी मन को सम्हालना सिखाती है। यह मनुष्य को लालसा, भय, प्रशंसा, और निराशा के असर से बाहर निकालकर स्थिर कर्म करना सिखाता है। इसी कारण योग महत्वपूर्ण है: यह भीतरी स्थिरता को जन्मजात स्वभाव नहीं, अभ्यास से अर्जित कौशल बनाता है।